विकास जाति में बंटने से होगा या बेहतर सोच से, इस सीट पर यही सबसे बड़ा मुद्दा
रणघोष खास. नांगल चौधरी की जमीन से
हरियाणा के दो विपरित छोर पर गौर करिए । एक चंडीगढ़ से जहां से सरकार पूरे प्रदेश को चलाती है। दूसरा छोर नांगल चौधरी जहां से असली हरियाणा नजर आता है। 10 साल पहले चंडीगढ़ से नांगल चौधरी आना सजा की तरह माना जाता था। आज विकास की बात होती है तो यह इलाका हरियाणा के पटल पर इतराता हुआ नजर आता है। इतना बड़ा बदलाव होने के बाद भी क्या इस सीट का मिजाज इस बार के चुनाव में बदल रहा है। क्या यहा के मतदाता पूरी तरह से विकास पर मोहर लगाएंगे या जातिगत समीकरण के जाल में उलझकर रह जाएंगे।
इसे समझना जरूरी हो गया है।
यहा विकास की विपक्ष भी जमकर सराहना करता है
दरअसल नांगल चौधरी ऐसी सीट है जो आमतौर पर कभी चर्चाओं में नही रहती। यहां से लगातार भाजपा की टिकट पर दो बार विधायक बनते आ रहे रिटायर आईएएस अधिकारी डॉ. अभय सिंह यादव तीसरी बार मैदान में है। इस बार उन्हें टिकट देने में भाजपा हाईकमान ने बायाडोटा तक नही देखा। उनके विरोधियों में भी इतनी हिम्मत नही थी वे अभय यादव से लंबी लाइन खींच सके। दरअसल उनके पास पिछले 10 सालों का ऐसा रिपोर्ट कार्ड है जिसे देखकर विपक्ष के घोषणा पत्र की भी सांसें भूलने लग जाती है। हालात यह है की हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों में नांगल चौधरी सभी के लिए विकास की नई परिभाषा बनकर उभरा है। जिसे पक्ष विपक्ष ने भी सराहा है। यही वजह है विधानसभा सत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल एवं विपक्ष प्रतिपक्ष नेता भूपेंद्र हुडडा, अभय चौटाला समेत अनेक सीनियर नेताओं ने डॉ. अभय को अपने क्षेत्र की पुरजोर आवाज उठाने एवं कार्य कराने के लिए सर्वश्रेष्ठ विधायक के तौर पर सम्मानित किया। इतना ही नही हरियाणा सरकार ने मंत्रीमंडल में उनकी आवश्यकता को महसूस करते हुए सिंचाई मंत्री पद की जिम्मेदार दी।
यहा जातिगत समीकरण को तोड़ना सबसे बड़ी चुनौती
डॉ. अभय यादव प्रशासनिक अधिकारी के तोर पर रहते हुए विकास के तमाम रास्तों से बखूबी परिचित है इसलिए विकास के नाम पर चंडीगढ़ से उठने वाली आवाज नांगल चौधरी में आकर ठहर जाती है। इसके बावजूद इस शख्स के लिए चुनाव में जातिगत राजनीति को तोड़ना बहुत बड़ी चुनौती है। डॉ. अभय बताते हैं की उन्होंने काफी हद तक विकास को दीमक की तरह खाती आ रही जातिगत मानसिकता को जड़ से खत्म करना शुरू कर दिया था। उन्हें सफलता भी मिल रही थी लेकिन कुछ नेता ऐसे हैं जो लंबे समय अपने स्वार्थ की राजनीति के लिए इलाके को हर लिहाज से पीछे धकेल रहे हैं। वे नांगल चौधरी के विकास को देखकर इस कदर घबरा गए हैं की बजाय इस पर अमल करने के पर्दे के पीछे जातिगत जहर फैलाते जा रहे हैं। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी मंजू चौधरी सार्वजनिक तोर पर यह मान चुकी है की केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने हमेशा उनकी मदद की है। अब बताइए यहां विरोधियों की तरफ से लड़ाई विकास में बेहतर करने की लड़ी जा रही है या उसे कमजोर करने की। यह मतदाताओं को तय करना है
अभिमन्यु चक्रव्यूह की तरह अभय को घेरने की तैयारी
इस सीट पर एक बार फिर डॉ. अभय यादव को विपक्ष से ज्यादा भाजपा के दो दिग्गज नेता अभिमन्यु चक्र की तरह घेरने की तैयारी कर चुके हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस व जेजेपी से खड़े प्रत्याशी एक तरफ भाजपा पर हमला कर रहे हैं वहीं सार्वजनिक तौर पर भाजपा सरकार में केंदीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह जिंदाबाद का नारा लगा रहे हैं। यानि डॉ. अभय की लड़ाई विपक्षी दलों से ज्यादा अपनी ही पार्टी में भीतरघात से हैं। जिससे निपटने के लिए वे पूरी तरह से तैयार है। दरअसल डॉ. अभय यादव की तरकश में विकास के तीर है जो सीधे मतदाताओं को सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। विकास एक दूसरे को जाति से बांटने से नही नेक नीयत मजबूत इरादे ओर साफ नीयत से होगा यह मैसेज ही इस सीट का सबसे बड़ा मुददा बन चुका है। इस आधार पर यहां डॉ. अभय अपने विरोधियों पर पूरी तरह से भारी नजर आ रहे हैं। आगे चलकर स्थिति क्या होगी यह आने वाला समय बताएगा।