चुनाव लड़नें वालों के लिए यह खबर जरूरी है

 उम्मीदवारों की हार जीत अपने घर में छिपी हुई है, पता कर ले


रणघोष खास. सुभाष चौधरी की रिपोर्ट

 हरियाणा विधानसभा चुनाव में खड़े सभी प्रत्याशियों की हार जीत उनके घर में छिपी हुई है जहां से चुनाव को लेकर तरह तरह की योजनाए बनती है। यहा गठित टीम की सोच से ही प्रत्याशी की आगे की राह तय होती है। अभी तक जुटाई रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश उम्मीदवारों का चुनाव प्रबंधन पूरी तरह से राम भरोसे है। जो प्रत्याशी पहले विधायक रह चुके हैं वे काफी हद तक बेहतर स्थिति में है। जो पहली बार उतरे हैं वे हर रोज ऐसी गलतियां कर रहे हैं की उसका गलत असर प्रत्याशी की छवि पर पड़ रहा है। फाइनेंस के नाम पर ऐसे लोग भी जुड़ गए है जिनकी कोई सामाजिक छवि नही है। उनकी मौजूदगी से लोग दूरिया बना रहे हैं जबकि उम्मीदवार इससे बेखबर है या उसे बर्दास्त करना उसकी मजबूरी है। हर क्षेत्र में सामाजिक और प्रभावशाली लोगों की अपनी पकड़ होती है। प्रबंधन में ऐसे भर्ती कर लिए जाते हैं कि उन्हें क्षेत्रीय समझ या ज्ञान नही होता और वे ऐसे लोगों मान सम्मान करने की बजाय अपमान कर डालते है। इस कारण  भी उम्मीदवार को कम ज्यादा नुकसान होता है। कुछ उम्मीदवारों की संतानें बिगड़ी हुई होती है। वे अपनी हरकतों से भी समर्थकों को नाराज कर देते हें। ऐसे कई मामले सामने भी आ रहे हैं। यहां सबसे ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारों को दिक्कतें आ रही हैं जिनका प्रबधन पूरी तरह से बिगड़ा हुआ है। कांग्रेस ओर भाजपा प्रत्याशियों के पास संगठन का अनुभव उन्हें गलती होने या करने से बचा लेता है। कुल मिलाकर इस चुनाव में जब किसी भी दल की कोई हवा नही है। ऐसे में प्रबंधन ही ऐसा मजबूत आधार है जो किसी भी उम्मीदवार की हार जीत की मुख्य वजह बनेगा।