तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस को निर्देश दिया है कि आज पूछताछ के बाद उदयनिधि को रिहा कर दिया जाए। इसके बाद उन्हें 4 घंटे के अंदर ही रिहा कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने उदयनिधि को स्टेशन बेल दिए जाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन को भी यह निर्देश दिया कि जब भी जरूरत हो, वे जांच में सहयोग करें।
दरअसल इससे पहले खुद तमिलनाडु के एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने मद्रास हाई कोर्ट को बताया कि DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार तो किया गया है, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा। विजय नारायण ने कोर्ट को जानकारी दी कि उदयनिधि स्टालिन को रिमांड पर लेने का कोई इरादा नहीं है और पूछताछ के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा।
उदयनिधि की क्यों हुई गिरफ्तारी?
बता दें कि तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री विजय थलपति के खिलाफ कथित टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। DMK नेता ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री की एक लोकप्रिय तमिल अभिनेता के साथ दोस्ती के बारे में यौन रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद, तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों DMK कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम तीन अगस्त को कावेरी जल विवाद को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के किसानों के विरोध प्रदर्शन में उदयनिधि के विवादित बयान के बाद हुआ है। आरोप है कि रैली के दौरान भीड़ के एक वर्ग ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लिया था जिस पर उन्होंने अपने भाषण के दौरान अभिनेत्री के संदर्भ में आपत्तिजनक द्विअर्थी टिप्पणी की थी।
विजय की पार्टी का सख्त रुख
इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने भी इस भाषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता ने उदयनिधि पर और द्रमुक आईटी शाखा के पदाधिकारियों पर जानबूझकर महिलाओं को नीचा दिखाने, अभिनेत्री और सामान्य तौर पर महिलाओं को मानसिक पीड़ा पहुंचाने तथा जानबूझकर जन अशांति फैलाने के इरादे से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस घटना का दो मिनट 39 सेकंड का वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया।