अमेरिका ने पाकिस्तान को कई विमानों में भरकर भेजी मदद, नूर खान बेस पर उतरे सैन्य विमान

रावलपिंडी।
पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अमेरिका ने कई विमानों में राहत सामग्री भेजी है। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के बयान के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर अमेरिकी सैन्य विमानों से यह सामग्री नूर खान एयर बेस पर उतारी गई।

इस राहत सामग्री में तंबू, जल शोधन पंप, जनरेटर और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं, जो सीधे प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जाएंगे। राहत सामग्री का स्वागत पाकिस्तान सेना के अधिकारियों और अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर ने किया।


अमेरिकी सहायता का विवरण

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (US ARCENT) के तहत कुल छह विमानों के माध्यम से राहत सामग्री भेजी जाएगी। पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) के अनुसार, पहली खेप को औपचारिक रूप से पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया गया है।


पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति

भारी मॉनसून बारिश के कारण पंजाब प्रांत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, घर जलमग्न हैं, फसलें नष्ट हुई हैं और कई लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। सिंध सरकार के अनुमान के अनुसार, बाढ़ का पानी पंजाब से सिंध में प्रवेश करने से 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं। यदि सिंध में उच्च स्तर की बाढ़ आती है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।


अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा

राहत कार्यों के साथ, अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आपदा प्रतिक्रिया समूह ने नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (NEOC) का दौरा किया। बेकर ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के आपदा प्रबंधन मॉडल की सराहना की और तकनीकी विशेषज्ञों तथा कल्याण संगठनों के माध्यम से निरंतर अमेरिकी समर्थन का आश्वासन दिया।


अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता

पाकिस्तान सरकार बाढ़ प्रभावितों को सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि देश को अपनी क्षमता से परे अंतरराष्ट्रीय मदद की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र और यूनाइटेड किंगडम के बाद अमेरिका ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी।


अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स का बयान

नेटली बेकर ने नूर खान एयर बेस पर राहत सामग्री सौंपते हुए बाढ़ से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा:

“हम इस मानवीय संकट में पाकिस्तान के साथ खड़े हैं।”