कोई पार्षद- सरपंच अचानक मेहरबानी बरसाए समझ जाइए उसने आपके वोट का टेंडर ले लिया
– रेवाड़ी विधानसभा सीट पर यह खेल शुरू हो चुका है, जागरूक मतदाता अवगत कराए
रणघोष खास. सुभाष चौधरी
कोई पार्षद- सरपंच अचानक मेहरबानी बरसाए समझ जाइए उसने आपके वोट का टेंडर ले लिया। विशेष तौर से रेवाड़ी विधानसभा सीट से ज्यादा चर्चाए जोर पकड़ रही है। यहां के प्रमुख उम्मीदवारों में कुछ ने अपने पुराने फॉरमेट पर वोटों के टेंडर जारी करने शुरू कर दिए हैं। इसमें पार्षद और सरपंचों को यह जिम्मा सौंपा गया है। इसमें नगर पालिका, नगर परिषद, पंचायती चुनाव में उतरे पुराने नए और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवारों को पैकेज दिया गया है कि वह एक वोट पर रेट तय करके इस काम में जुट जाए। ऐसा पहली बार नही हो रहा है। पिछले कई सालों से इसे परंपरा के तौर पर अमल में लाया जा रहा है। अमूमन हर सीट पर इस तरह का खेला होता आ रहा है। जहां तक रेवाड़ी की बात है। यह काम अल सुबह या देर रात शुरू होता है। टेंडर लेने वाले ही अपने वार्ड या गांवों में योजना बनाते हैं की जाति ओर धर्म के नाम पर छोटे छोटे टुकड़ों में बंटे मतदाताओं में किसी एक को चौधरी बनाकर वोटों की गारंटी तय होती है। कम से कम 10 वोटों से इसकी शुरूआत होती है। चुनाव में वोट खरीदने का यह जिम्मा बेहद जोखिम भरा होता है। इसलिए वोट नही आने की स्थिति में दी गई राशि को लेना आसान नही होता। ऐसे में पहले ही तय हो जाता है की बूथ वाइज कितनी वोट हैं ओर प्रत्याशी को कितनी मिलनी चाहिए थी। कुल मिलाकर चुनाव में पर्दे के पीछे वोट खरीदने का बड़ा कारोबार भी चुनाव में हार जीत के मापदंड को तय करता है। यहा चुनौती उन प्रत्याशियों के लिए है जिसका आर्थिक स्तर बेहद सामान्य है। पार्टी लहर में तो ऐसे उम्मीदवारों की पार लग जाती है लेकिन सामान्य परिस्थितियों में वोटों की खरीद फरोख्त से लड़कर जीत पाना उनके लिए आसान नही है। इसलिए जागरूक मतदाताओं से अपील की है कि अगर उन्हें अपने आस पास ऐसा आभास हो रहा है, ऐसा किया जा रहा है। इसकी सूचना संबंधित जिला प्रशासन ओर जिम्मेदार मीडिया के पास जरूर पहुंचाए ताकि स्वस्थ्य ओर मजबूत लोकतंत्र के इस महायज्ञ में हम सभी अपने स्तर पर आहुति डाल सके।