“पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए?” – जीरो टॉलरेंस नीति पर सीएम योगी का सख्त संदेश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की नीति एक बार फिर स्पष्ट करते हुए अपराध और अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश दिया है। पुलिस मुठभेड़ों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध के प्रति किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
मंगलवार को लखनऊ में आयोजित पहले फार्मा कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “टिप्पणी की जाती है कि पुलिस ने गोली क्यों मारी? मैं पूछता हूं कि पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए?” उन्होंने जोर देकर कहा कि जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में समझाया जाएगा।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बीच आया बयान
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले सप्ताह इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में हो रही ‘हाफ एनकाउंटर’ यानी पैर में गोली मारने की घटनाओं पर सवाल उठाया था। अदालत ने कहा था कि पुलिस के पास दंड देने का अधिकार नहीं है।
इस पर सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार का सिद्धांत साफ है—कानून सभी के लिए बराबर है, चाहे वह अपना हो या पराया। अगर कोई अपना व्यक्ति भी गलती करेगा तो उस पर वही कठोर कानून लागू होगा जो किसी माफिया पर होता है।
“कानून के दायरे में रहकर होती है कार्रवाई”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा कोशिश करती है कि कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर हो, लेकिन यदि अपराधी कानून से भयभीत नहीं है तो परिस्थिति के अनुसार सख्ती जरूरी हो जाती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को पिस्तौल और प्रशिक्षण इसी लिए दिया जाता है ताकि वह अपराधियों का डटकर मुकाबला कर सके। “अगर अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है, तो पुलिस के पास भी हथियार इसलिए हैं कि वह जवाब दे सके,” उन्होंने कहा।
9 वर्षों में बदली प्रदेश की तस्वीर – योगी
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पुलिस ने अपराधियों को उनकी भाषा में समझाना शुरू किया, तभी प्रदेश में बदलाव आया। पिछले नौ वर्षों में बड़े-बड़े त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं और अब प्रदेश में दंगा-फसाद, गुंडा टैक्स या अराजकता की चर्चा नहीं होती।
उन्होंने दावा किया कि बेहतर सुरक्षा माहौल की वजह से उत्तर प्रदेश आज देश और दुनिया के निवेशकों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन चुका है।
भ्रष्टाचार और अपराध पर जारी रहेगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ लड़ाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी। जीरो टॉलरेंस का अर्थ है कि यदि शासन-प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति भी गलत पाया जाता है, तो उसे भी माफिया की तरह ही कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह बयान एक ओर जहां पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।