Israel-Iran War: रोजी-रोटी की तलाश में गए भारतीय अब जान बचाने की गुहार लगा रहे
इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद मध्य-पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर वहां काम करने और पढ़ने गए विदेशी नागरिकों पर पड़ा है, जिनमें लाखों भारतीय भी शामिल हैं।
दुबई, अबू धाबी, दोहा, रियाद, तेहरान और अन्य शहरों में रहने वाले भारतीय अब सोशल मीडिया के जरिए भारत सरकार से सुरक्षित निकासी की अपील कर रहे हैं। एयरस्पेस बंद होने और लगातार हमलों की खबरों ने हजारों भारतीयों को भय और अनिश्चितता के माहौल में धकेल दिया है।
“रोजी-रोटी कमाने आया था, अब बम से बच रहा हूं” – दुबई से वायरल अपील
दुबई में काम कर रहे एक भारतीय वर्कर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर भावुक अपील की। उसने कहा:
“मैं यहां रोजी-रोटी के लिए आया था, लेकिन अब मैं बम से बचने की जगह तलाश कर रहा हूं। मैं मोदी जी और भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि हमें यहां से निकाला जाए।”
ऐसे सैकड़ों वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। कई भारतीय मजदूर, जो खाड़ी देशों में निर्माण, सेवा और तेल कंपनियों में काम करते हैं, अब असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
छात्र और पर्यटक भी संकट में
स्थिति केवल मजदूर वर्ग तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और पर्यटक भी संकट में फंसे हैं।
विशेष रूप से तेहरान में पढ़ रहे मेडिकल छात्रों ने भावुक अपील की है। एक छात्रा ने कहा:
“यहां हालात बहुत खराब और अनिश्चित हैं। हमें नहीं पता अगला पल क्या होगा। कृपया हमें सुरक्षित निकाला जाए।”
एक अन्य छात्र ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के कारण सभी छात्र भयभीत हैं और भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं।
90 लाख से अधिक भारतीय प्रभावित
मध्य-पूर्व क्षेत्र में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या मजदूर वर्ग से जुड़ी है, जो रोजी-रोटी के लिए खाड़ी देशों में काम करते हैं।
इसके अलावा लगभग 2000 छात्र, खासकर जम्मू-कश्मीर से, ईरान में मेडिकल और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
MEA की पहल: हेल्पलाइन जारी, स्थिति पर नजर
विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये हेल्पलाइन चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और संभावित निकासी से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रही हैं।
मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा:
“ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।”
भारत ने स्पष्ट किया है कि इस संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।
MEA इमरजेंसी हेल्पलाइन लिस्ट
रामल्लाह (फ़िलिस्तीन)
फ़ोन: +970592916418
ईमेल: repoffice@mea.gov.in / cons.ramallah@mea.gov.in
दोहा (क़तर)
फ़ोन: 00974-55647502
ईमेल: cons.doha@mea.gov.in
रियाद (सऊदी अरब)
फ़ोन: 00-966-11-4884697
WhatsApp: 00-966-542126748
टोल फ़्री: 800 247 1234
ईमेल: cw.riyadh@mea.gov.in
तेल अवीव (इज़राइल)
फ़ोन: +972-54-7520711 / +972-54-2428378
ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in
तेहरान (ईरान)
फ़ोन: +989128109115 / +989128109109 / +989128109102 / +989932179359
अबू धाबी (UAE)
टोल फ़्री: 800-46342
WhatsApp: +971543090571
ईमेल: pbsk.dubai@mea.gov.in / ca.abudhabi@mea.gov.in
कुवैत
फ़ोन: +96565501946
ईमेल: community.kuwait@mea.gov.in
बहरीन
फ़ोन: 00973-39418071
मस्कट (ओमान)
टोल फ़्री: 80071234
WhatsApp: +96898282270
ईमेल: cw.muscat@mea.gov.in / cons.muscat@mea.gov.in
जॉर्डन
फ़ोन: 00962-770422276
बगदाद (इराक)
फ़ोन: +9647716511185 / +9647704444899
क्या हो सकता है आगे?
यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है और एयरस्पेस लंबे समय तक बंद रहता है, तो भारत सरकार विशेष निकासी अभियान (Evacuation Operation) चला सकती है, जैसा पहले युद्ध और संकट के समय किया गया था।
फिलहाल भारतीय दूतावास और MEA स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हजारों भारतीयों की निगाहें अब केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
यह संकट सिर्फ भू-राजनीतिक टकराव नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों की चिंता है जिनकी रोजी-रोटी और सुरक्षा दांव पर लगी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या कूटनीति इस आग को शांत कर पाएगी और क्या फंसे भारतीय सुरक्षित घर लौट पाएंगे?