रणघोष न्यूज़। नई दिल्ली।
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद जंतर-मंतर के आसपास करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में आधी रात तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। वहीं कनॉट प्लेस में भी सुरक्षा कारणों से दुकानें, कार्यालय और रेस्टोरेंट बंद रखने की सलाह जारी की गई।
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को साफ किया कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई की कोई योजना नहीं है। पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उन दावों को खारिज किया, जिनमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की आशंका जताई थी।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रदर्शन के खिलाफ कार्रवाई की कोई योजना नहीं है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक या अपुष्ट जानकारी को फैलाने से बचें।
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आशंका जताई थी कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कनॉट प्लेस में दुकानों को बंद करने और सुरक्षा बढ़ाने को लेकर भी सवाल उठाए थे।
कनॉट प्लेस में बंद रखने की सलाह
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कनॉट प्लेस के सभी दुकानदारों, कार्यालयों, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को शाम साढ़े छह बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद करने की सलाह दी थी। व्यापारियों के अनुसार यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
व्यापारी संघ के अनुसार यह निर्णय दिल्ली नगरपालिका परिषद के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया, जिसमें क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुआ था विवाद
गौरतलब है कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की थी। इस घटना में कई प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
24 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान
प्रदर्शनकारी संगठन ने 24 जुलाई को देश के सभी जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके लिए अभियान का नारा “हर जिला, एक दिन, एक मांग” रखा गया है। संगठन ने छात्रों और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में आंदोलन से जुड़ने की अपील की है।