Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए एक शख्स के साथ मीडिया से बात की। उन्होंने दावा किया कि छात्र के ऊपर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया है। इसकी वजह से उसकी एक आंख में बुरी तरह चोट आई है। डॉक्टर्स भी अभी तक इस तह पर नहीं पहुंचे हैं कि उसकी आंख बचेगी भी या नहीं। इसके साथ ही लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोलते हुए कहा कि वह एक क्रिमिनल शिक्षा मंत्री हैं, जिनकी वजह से हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था उथल-पुथल हो गई है।
मीडिया के सामने कांग्रेस नेता ने छात्र के कपड़े हटाकर उसकी पीठ पर हुए घावों को मीडिया को बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन से हमला किया गया है। उन्होंने कहा, “ इसे पैलेट गन कहते हैं। उनकी आँख खराब हो गई है। वे उस आँख से ठीक से देख नहीं पा रहे हैं। ये भारत का भविष्य हैं। हजारों ऐसे युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई हैं। उन्हें लाठियों से पीटा गया है, उन पर हमले किए गए हैं। वे क्या कर रहे थे? वे शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। वे विरोध क्यों कर रहे थे? क्योंकि उनका परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। उन्होंने पुलिस भर्ती परीक्षा दी थी या कोई अन्य भर्ती परीक्षा दी सालों तक कड़ी मेहनत की थी और फिर एक दिन उन्हें बताया गया कि पेपर लीक हो गया है। देश का युवा आज केवल तीन चीजें मांग रहा है।”
1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
2. हजारों छात्रों के साथ मारपीट करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही हो।
3. घायल छात्रों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माफी मांगें।
राहुल गांधी ने कहा, “हमारी पहली मांग है कि जिसकी वजह से छात्रों ने शांति पूर्ण प्रदर्शन किया, जिसकी वजह से पेपर लीक हुए। उसे (धर्मेंद्र प्रधान) को हटाया जाए। दूसरी मांग, यह है कि इन छात्रों को बुरी तरह से मारने वाले अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। इसके अलावा तीसरी मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। इन सभी घायल छात्रों से माफी मांगे। इन छात्रों को बेरहमी से पीटा गया है। इस छात्र की आंख बचेगी या नहीं बचेगी। इसके बारे में भी अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।”
छात्रों ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है, धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि हमारी मुख्य तौर पर यही मांगें हैं। हमारे छात्रों को पीटना बंद कीजिए। उन पर अत्याचार करना बंद कीजिए। राहुल गांधी के इस बयान के बाद वहां बैठे मीडिया कर्मियों ने कहा कि सरकार ने बाकी मांगों को मानने पर सहमति जताई है। लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अभी कोई चर्चा नहीं है।इसका जवाब देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है। छात्रों ने अपनी मांगें साफ कर दी है। राहुल ने कहा, “हम छात्रों की मांग को ही दोहरा रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान हमारी शिक्षा व्यवस्था के कोलेप्स होने का सिंबल है। उन्हें जाना ही होगा। इन छात्रों पर अत्याचार धर्मेंद्र प्रधान की वजह से ही हुए। इस देश में पेपर लीक केंद्रीय शिक्षा मंत्री की वजह से ही हुए।गौरतलब है कि 20 मार्च को कॉकरोच जनता पार्टी के साथ हजारों की संख्या में छात्र और अन्य लोगों ने संसद तक मार्च किया था। इस दौरान पुलिस और आरपीएफ के साथ इन लोगों की झड़प भी हुई थी। इसमें कई छात्र और लोगों को गंभीर चोट आई थी। इसके बाद लगातार दो दिन तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होती रही। इसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए और लोगों को भी चोटें आईं। पुलिस कर्मियों के मुताबिक, उन्होंने केवल हल्के बल का प्रयोग किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज ने दोनों तरफ की सच्चाई को उजागर कर दिया। कई जगह पर पुलिस वाले लड़कियों को गलत तरीके से डंडा मारते हुए नजर आए, तो कई जगह प्रदर्शनकारी भी पुलिस वालों के खिलाफ उग्र होते नजर आए। इन सबके बीच कल यानी देर रात सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल को खत्म कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके पेपर लीक के खिलाफ सरकार द्वारा लिए जा रहे ऐक्शन पर अपनी बात रखी है। आज सरकार और सीजेपी प्रवक्ताओं के बीच में भी चर्चा हुई है। लेकिन फिलहाल यह किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।