उस्मान तारिक का बॉलिंग ऐक्शन विवाद में, अंपायर अनिल चौधरी बोले – “डिलीवरी पूरी तरह फेयर”
पाकिस्तान क्रिकेट टीम इन दिनों अपने एक स्पिनर को बेहद सोच-समझकर इस्तेमाल कर रही है। तीन-तीन मैचों की सीरीज में भी उन्हें केवल एक मुकाबले में मौका दिया जा रहा है। इस रणनीति के पीछे की वजह उनका अनोखा बॉलिंग ऐक्शन बताया जा रहा है। यह गेंदबाज हैं पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक, जिन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज का दूसरा मैच खेला।
वे न तो पहले मुकाबले में नजर आए और न ही तीसरे मैच में शामिल किए गए। ऐसे सीमित उपयोग के चलते क्रिकेट जगत में उनके बॉलिंग ऐक्शन पर सवाल उठने लगे हैं। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरन ग्रीन ने भी मैदान के बीच उनके ऐक्शन पर आपत्ति जताई थी।
अंपायर अनिल चौधरी ने दिया स्पष्ट फैसला
इंटरनेशनल और आईपीएल मैचों में अंपायरिंग कर चुके अनिल चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इस विवाद पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आईसीसी के नियमों के अनुसार उस्मान तारिक का बॉलिंग ऐक्शन पूरी तरह लीगल है।
अनिल चौधरी के मुताबिक, “उनका ऐक्शन थोड़ा साइड से है और अलग जरूर दिखता है। वे हल्का पॉज लेकर गेंद डालते हैं, लेकिन उनकी हर डिलीवरी एक जैसी रहती है। उनके आर्म में बेंडिंग और स्ट्रेटनिंग नहीं है, इसलिए गाइडलाइंस के अनुसार ऐक्शन बिल्कुल सही है। मेरे हिसाब से यह एक फेयर डिलीवरी है।”
‘मिस्ट्री गेंदबाज’ के तौर पर हो रहा इस्तेमाल
पिछले तीन महीनों में उस्मान तारिक ने केवल तीन टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं—दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों अलग-अलग सीरीज में एक-एक मैच रहे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लाहौर में खेले गए दूसरे टी20 में उन्होंने 2.4 ओवर गेंदबाजी करते हुए 16 रन दिए और 2 विकेट हासिल किए। अपने छोटे से टी20 इंटरनेशनल करियर में अब तक वे 8 विकेट ले चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान टीम उन्हें ‘मिस्ट्री स्पिनर’ के तौर पर पेश कर रही है, ताकि विपक्षी बल्लेबाज उनके ऐक्शन और गेंदबाजी को आसानी से समझ न सकें। हालांकि यही रहस्य अब उनके ऐक्शन को लेकर संदेह की वजह भी बन गया है।
अलग ऐक्शन, लेकिन नियमों के दायरे में
क्रिकेट में कई गेंदबाज अपने अनोखे ऐक्शन के कारण चर्चा में रहे हैं। जब तक गेंदबाज का हाथ निर्धारित सीमा से अधिक नहीं मुड़ता, उसे वैध माना जाता है। अनिल चौधरी के बयान के बाद फिलहाल यह साफ हो गया है कि उस्मान तारिक का ऐक्शन नियमों के भीतर है।
अब देखने वाली बात होगी कि पाकिस्तान टीम आने वाले मैचों में इस स्पिनर का इस्तेमाल किस रणनीति के तहत करती है और क्या वे भविष्य में टीम के नियमित गेंदबाज बन पाते हैं।