Manipur में खत्म हुआ President Rule, NDA नेता Y Khemchand Singh आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

पूर्वोत्तर के संवेदनशील राज्य मणिपुर से करीब एक साल बाद राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया, जिसके साथ ही राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

एनडीए विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह आज (बुधवार) शाम छह बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। प्रदेश भाजपा ने इसकी आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि शपथ ग्रहण समारोह ‘लोक भवन’ में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही तैयारियां जारी हैं और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

भाजपा की मणिपुर इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि “वाई खेमचंद सिंह का मणिपुर के माननीय मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह आज 4 फरवरी 2026 को शाम छह बजे लोक भवन में होगा।” पार्टी ने विश्वास जताया कि उनके अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर शांति, विकास और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ेगा, जिससे राज्य में स्थिरता और प्रगति का नया दौर शुरू होगा।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे और लंबे समय से अशांत रहे मणिपुर में पिछले वर्ष फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू था। हालात सामान्य करने और राजनीतिक स्थिरता स्थापित करने की दिशा में यह फैसला अहम माना जा रहा है। सिंह के नेतृत्व में राजग के प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया।

राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजॉल के कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक भी शामिल थे, जिसे राजनीतिक संतुलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इससे यह संदेश देने की कोशिश है कि नई सरकार सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम करेगी।

इससे पहले मंगलवार को नई दिल्ली में वाई खेमचंद सिंह को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके तुरंत बाद उन्हें राजग विधायक दल का नेता भी घोषित कर दिया गया, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग तय हो गया था।

भाजपा विधायक थोंगबम बिस्वजीत ने जानकारी दी थी कि खेमचंद सिंह सहित पांच विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। मनोनीत मुख्यमंत्री खेमचंद मेइतेई समुदाय से आते हैं, जबकि उनके साथ शपथ लेने जा रहे दोनों उपमुख्यमंत्री — नेमचा किपगेन और लोसी दिखो — क्रमशः कुकी और नागा जनजातियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसे राज्य में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार के गठन से मणिपुर में प्रशासनिक निर्णयों को गति मिलेगी तथा विकास कार्यों को नया प्रोत्साहन मिल सकता है। लंबे समय से अस्थिरता झेल रहे राज्य के लिए यह बदलाव उम्मीदों का संकेत माना जा रहा है। अब सभी की नजरें नई सरकार पर टिकी हैं कि वह शांति बहाली, सामाजिक समरसता और विकास के मोर्चे पर कितनी तेजी से काम करती है।