रणघोष खास. सुभाष चौधरी
पंचायती चुनाव में जन्में उम्मीदवार जीत के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार है बस किसी तरह आशीर्वाद मिल जाए। इस खबर में चर्चा होगी कोसली विधानसभा के जिला परिषद वार्ड एक के गांव बव्वा की। भाजपा ने इस चुनाव में सिंबल से लड़ना मन कर दिया है। लिहाजा जिसकी जमीनी ताकत इधर उधर हो रही है या नहीं है वह भाजपा के मैदान में लंगोट लेकर फोटो खिचवाने को तैयार बैठा है। कुछ दिन पहले पूर्व उप जिला प्रमुख जगफूल यादव को चुनाव लड़ने के लिए सपने में गांव बव्वा नजर आया और सुबह उठकर एलान कर दिया कि यह उनका पृतक गांव है। इस पर काफी विवाद हुआ। जगफूल ने भाजपा में शामिल होने के नाम पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का आशीर्वाद लेने के लिए गांव में जनसभा करा दी। अब सुरेश यादव बव्वा भाजपा झपटा मार प्रतियोगिता में शामिल हो गए हैं। हालांकि वे एक साल पहले तक भाजपा में ही थे लेकिन बाद में आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। अब कोसली विधायक लक्ष्मण यादव व जिला अध्यक्ष हुकमचंद की आंखों से उन्हें भाजपा अच्छी लगने लगी है। यह सोच चुनाव तक है या आगे भी रहेगी। यह समय बताएगा इतना जरूर है कि इस वार्ड में अगर जगफूल यादव व सुरेश बव्वा को हार मिली तो किसी सूरत में भाजपा अपनी नैतिक जिम्मेदारी नहीं लेगी। जो जीतकर आएगा भाजपाई उसे अपना बना लेंगे यही सिंबल पर नहीं लड़ने का फार्मूला है। यहां बता दें कि इस तरह के चुनाव में मजबूत उम्मीदवार पार्टी सिंबल से दूरी बनाए हुए हैं। उन्हें लगता है कि सिंबल से वे धड़ों में बंटकर अपना भारी नुकसान करा लेंगे। पार्टी व बड़े नेताओं की जरूरत उन्हें ज्यादा पड़ती हैं जिन्हें अपनी जीत पर जोखिम नजर आता है। कुल मिलाकर इस चुनाव में ऐसे किरदार भी नजर आ रहे हैं जिसके लिए चुनाव लाटरी की तरह लक्की ड्रा है।