लोकतंत्र की आड़ में वीआइपी संस्कृति चला रही देश को, इसे समझिए

रणघोष खास. कुलदीप कुमार  हमने पश्चिमी देशों से लोकतंत्र का ‘तंत्र’ तो ले लिया लेकिन उसे…

मोदी की इस योगी तारीफ़ के पीछे क्या है?

दुनिया भर के मुल्कों में उत्तर प्रदेश के कोरोना-प्रबंधन को लेकर उंगलियां उठाई गईं, गंगा में…

तीसरी लहर को लेकर सरकार ने चेताया, कहा- कोरोना के खिलाफ जंग में अगले 100-125 दिन नाजुक

 रणघोष अपडेट. देशभर से  कोरोना वायरस की तीसरी लहर की दस्तक की आशंका के बीच केंद्र…

दिलीप शास्त्री बने भाजपा सेवा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक

सती कॉलोनी निवासी दिलीप शास्त्री को भाजपा ने सेवा प्रकोष्ठ का जिला संयोजक नियुक्त किया। जिला…

यूपी में कोरोना नियंत्रण अभूतपूर्व तो गलती सिस्टम की नहीं आमजन की है

रणघोष खास. अमित कुमार सिंह  जिस उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान गंगा…

मेहुल चोकसी को जमानत: भगोड़ों की मौज, भंवर में फंसे बैंक

“एनपीए बढ़ा, बैंकों को गहराते संकट से उबारने के उपाय ऊंट के मुंह में जीरे के…

मी लॉर्ड, हम कुछ कहेंगे,क्या न्यायपालिका मनुष्यता से कोई रिश्ता रखता है

 रणघोष खास. कुमार प्रशांत की स्टेन स्वामी की मृत्यु के बाद कुछ भी लिखने-कहने की फूहड़ता…

खून बहने तक खून बहाने के प्रचार पर बात न करना ख़ुद को धोखा देना है…

बीते कुछ दिनों से हरियाणा में एक के बाद एक हो रही महापंचायतें धर्म-जाति की आवाजों…

स्त्री विमर्श के चलते शादी को निबाहने वाली औरतें मूर्ख, ग़ुलाम हैं!

यह गाँव नहीं जहाँ सम्बंध सम्भाल कर रखे जाते हैं, यह महानगर है जहाँ सम्बंध तो…

भारत को संविधान नहीं धर्म, जाति की मानसिकता चला रही है

भेदभाव इतना स्वाभाविक होता है कि सामान्य व्यवहार का हिस्सा बन जाता है और हम उसे…

‘इस’ और ‘उस’ आपातकाल के बीच का असली सच क्या है?

नरेंद्र मोदी को आपातकाल के ‘काले दिनों’ और उस दौरान ‘लोकतांत्रिक मूल्यों’ को कुचले जाने की…

अपनी कमज़ोरियों पर क्यों आंखें मूंद रही है कांग्रेस?

रणघोष खास. युसुफ अंसारी केंद्र में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 2 साल पूरे हो…

खबरों को बंदरियां, पत्रकार को मदारी समझने की भूल मत करिए, जैसा है वैसा ही रहिए

रणघोष खास. प्रदीप नारायण बहुत मुश्किल होता है किसी पत्रकार का अपने पेशे की बात करना।…

ऋणम कृत्वा घृतं पीवेत् …यानी कर्ज लो और घी पियो!

 कोरोना राहत के पहले एलान के बाद से जितना कुछ सामने आया है वह मोटे तौर…

हर घंटे दहेज से एक की मौत पर समझदार समाज को नींद कैसे आती है..

यह एक खुला रहस्य है कि जिन्हें भारत के सबसे प्रतिभाशाली, कुशाग्रबुद्धि माना जाता है, वे…

क्या देश में 4 लाख लोगों की जान पांच मूर्तियां बनाने की कीमत से भी सस्ती है?

-भीख मांगो, उधार लो, चोरी करो पर महामारी में मौत का मुआवजा दो रणघोष खास.  प्रेम…

रसूक- पैसा है तो बात करिए नहीं तो घर पर बैठ जाइए, यहीं आज का न्याय है…

रणघोष खास. प्रदीप नारायण  मरीज का नाम:   कोरोना पीड़ित मरने की वजह: समय पर आक्सीजन…

इसलिए… मिल्खा सिंह ने कहा था बेटे को नहीं बनाऊंगा खिलाड़ी

-आज भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जूता पॉलिश-मजदूरी करने पर मजबूर  रणघोष खास. नवीन मिश्र की रिपोर्ट वाकई…

मीडिया में 90 फीसदी खबरें ब्यूटी पार्लर में तैयार होकर आती हैं, संभलकर भरोसा करिए..

 रणघोष खास. प्रदीप नारायण मीडिया देश का चौथा स्तंभ, आमजन की आवाज, लोकतंत्र का सजग प्रहरी…