सरकार दिसंबर तक सबको वैक्सीन कैसे लगवा पाएगी?

रणघोष खास. अमित कुमार सिंह  वैक्सीन ही कोरोना संकट से निकलने का एक रास्ता है, यह…

रद्द नहीं हो बारहवीं की परीक्षा..

रणघोष खास. उमेश चतुर्वेदी कोरोना महामारी की डराती अनगिनत कहानियों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड…

राजनीति की फैक्ट्री से तैयार होकर मीडिया के बाजार में बिक रही समाजसेवा से डरिए, यह आपकी सोच पर कब्जा कर लेगी

 रणघोष खास. प्रदीप नारायण जिस मीडिया का काम आजाद आवाज बुलदं करने का है वह डाकिए…

अब तो बस करो नेता जी, अपनी राजनीति के लिए कोरोना को कितना बदनाम करोंगे..

-एक खबर तलाश लाइए जिसमें सभी दलों के नेता एक ही मंच पर इस महामारी से…

सरकार की प्राथमिकता क्या है- लोगों की जान या सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट?

शहरी मध्य वर्ग मोदी का अंध समर्थक रहा है। मोदी की हर बात को उसने अपने…

आइए देश के पांच मामलों से समझे हमारे देश में चेहरा देखकर तिलक क्यों होता है

कोरोना एक- कानून एक फिर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के दलालों पर देशभर में कार्रवाई अलग अलग…

पढ़िए छोटे शहरों में खुले अस्पतालों की कहानियां।

2 से 4 लाख मंथली किराया, फाइव स्टार बनाने के नाम पर करोडों खर्च, यहां रहते…

सभी डॉक्टर्स से निवेदन है कि इस लेख में अगर सत्यता नहीं है तो लिखित में इसका जोरदार खंडन करें। अलग अलग रास्तों से हमला करें। एकदम सही है तो मानवता- इंसानियत के नाते आगे आए। अगर यह भी नहीं करते हैं तो संसार की सभी पुस्तकों से डॉक्टरों को धरती का भगवान की संज्ञा देने वाले शब्दों को हमेशा के लिए मिटा दीजिए।

कोरोना से ज्यादा खतरनाक जान लेवा डॉक्टरों की कमीशनखोरी, नकली रेमडेशिविर बेचने वाले जमानत लेकर फिर…

सबसे खतरनाक लहर खुद का जिंदा लाश में बदल जाना…

अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था भी हो जाएगी, बिस्तरों की संख्या भी बढ़ जाएगी, नदियों में…

हर मौत का कातिल कोरोना है तो फिर लाखों मरीजों के

 शरीर में नकली रेडमेसिविर इंजेक्शन लगाने वालों को क्या कहेंगे.. –    अस्पतालों में हो रही…

ऊपर चीलें मंडरा रही हैं, नीचे नेता जले पर नमक छिड़क रहे हैं

रणघोष खास. अनिल जैन  एक तरफ दुनिया के तमाम छोटे–बड़े और अमीर–गरीब सभ्य देश हैं। जिन्होंने…

जो चुप है वह भी एक लाश है जिसकी कोई गिनती नहीं

पीएम केयर्स फंड से खरीदे गए “आगवा” वेंटिलेटर में हेरा-फेरी ? मरीज का ज्यादा ऑक्सीजन बताती…

कोरोना में मानवता- इंसानियत के नाम पर नजर आ रहे असली- नकली दो हीरो, पहचाना नहीं तो बड़ी कीमत चुकाएंगे

 रणघोष खास.  प्रदीप नारायण देश में जिस मानसिकता के साथ हमारी सोच बड़ी हो रही है।…

चौड़ी छाती वाले आज बेहद बौने नजर आ रहे हैं..

“इस महामारी ने जरूर हमें दुबक जाने पर मजबूर किया है, लेकिन साथ ही इसने हमारे…

इतनी मौतों के बाद भी क्या मुंबई के शेयर बाज़ार तय करेंगे देश बदल रहा है..

अनुपम खेर ने मोदी की वापसी को लेकर पिछले दिनों क्या कह दिया था, हाल में…

कोरोना को धंधा बनाकर लूटने वाले डॉक्टर्स याद रखना हिसाब तुम्हारा भी होगा..

रणघोष खास. एक मरीज की कलम से यह लेख हिंदुस्तान में इलाज के नाम पर संगठित…

स्वास्थ्य ‘आपातकाल’ के बीच न्यायपालिका का अवकाश कितना न्यायोचित?

चिंता का मुद्दा यहाँ यह है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में उपजी मौजूदा आपातकालीन…

तीसरी लहर से पहले हमारे भीतर शिव का तीसरा नेत्र खुले तो रास्ते बनें और लोक व तंत्र दोनों बचें

 रणघोष खास. कुमार प्रंशात जब हर बीतते दिन के साथ देश हारता जा रहा हो और…

कोरोना: मोदी सरकार का इक़बाल ख़त्म!

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में बैठे जज भी इंसान ही हैं। उनके भी नाते, रिश्तेदार, दोस्त,…