कोरोना काल में मदद के लिए निजी हाथ कितने मजबूत थे, इस सवाल का जवाब जरूरी

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के दिन क्या अब लद गए हैं? क्या आने वाले समय में…

कृषि संकट मध्यम किसानों का है, छोटे खेतिहरों का नहीं

 रणघोष खास. हरीश दामोदरन  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चौधरी चरण सिंह का हवाला देकर और हाशिए…

डंके की चोट पर : ख़ामोश! मुल्क में अब सवाल पूछना मना है ?

माहौल यह है कि हरेक आदमी या तो डरा हुआ है या फिर डरने के लिए…

इसमें कोई शक नहीं पूंजीपतियों की लार भारतीय खेती पर टपक रही है

रणघोष खास. देशभर से पूरी दुनिया में कुछ बड़ी कंपनियां तय कर रही हैं कि कौन…

स्मार्ट फोन को गले लगाते ही हमारी प्राइवेसी गिरवी हो गई, यह आज का कटु सच है

रणघोष खास. देशभर दरअसल, आज के दौर में रोटी, कपड़ा और मकान के साथ हमें सोशल…

कृषि क़ानूनों पर छूट राज्यों को क्यों नहीं देता केंद्र?

किसानों का चक्का-जाम बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया और उसमें 26 जनवरी- जैसी…

जब टिकैत के आंसू सैलाब बन सकते हैं तो सोचिए..

 जेल से बाहर आकर निर्दोष किसान बोलेंगे तो क्या होगा.. हमने अपने देश के लोकतंत्र को…

लोकतंत्र की सड़क लंबी है; सरकार की कीलें कम पड़ेंगी!

रणघोष खास.: श्रवण गर्ग विचार किसान ‘कांट्रैक्ट फ़ार्मिंग’ से लड़ रहे हैं और पत्रकार ‘कांट्रैक्ट जर्नलिज़्म’…

रणघोष की सीधी सपाट बात

खेड़ा बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों को ना छेड़े, टिकैत के आंसुओं से सबक ले …

पुण्यतिथि: यदि आज गांधी जी जिंदा होते तो

राष्ट्र बेताब दिख रहा है, बेहतरी और बदलाव के लिए रणघोष खास. देशभर से वर्ष-2021 की…

रणघोष की सीधी सपाट बात

आते–आते देश 72 सालों में इस तरह बंटा हुआ मिलेगा, किसने सोचा था? आजादी के बाद…

डंके की चोट पर : आज देश में लोकतंत्र पर भारी पड़ रही बेवजह की जिद..

अराजकता और हिंसा किसी सकारात्मक नतीजे की ओर नहीं ले जाती, इसलिए वह दुखद और निंदनीय…

संविधान की प्लाटिंग करने वाले नेता यह समझ ले किसान के लिए खेती उसकी मां है..

सरकार एवं विपक्षी दलों के नेताओं को चाहिए कि वह गणतंत्र की घटना के बाद अपनी…

पेट्रोल- डीज़ल की कीमतों में लगा टैक्स हमारी जिंदगी में आग लगा रहा है..

 रणघोष खास. देशभर से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत भले ही कम हो, भारत…

केन्द्रीय एजेंसियाँ स्वतंत्र काम नहीं करेंगी तो लोकतंत्र होगा ख़तरे में!

रणघोष खास. देशभर से केन्द्रीय एजेंसियों की मनमानी और सत्ता के इशारे पर काम करने के…

डंके की चोट पर : किसानों को सरकार के मास्टर प्लान की लग गई भनक?, इसलिए नहीं हुआ समझौता

आंदोलन कर रहे किसानों से सरकार की बात नहीं बन पा रही है। केंद्र और किसान…

कोरोना का टीका लगवाने से हमारे नेता क्यों घबरा रहे हैं ? यह कैसी देशभक्ति

रणघोष खास. देशभर से वैक्सीन कोरोना वायरस से सुरक्षा देगी और उनके शरीर पर कोई बुरा…

इस देश में कुछ लोगों को सबकुछ मान लेना लोकतंत्र पर खतरा है… इसे समझना होगा

सड़क पर हज़ारों किसानों की भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री तथा केंद्र सरकार को कम से कम…

रणघोष में विशेष ; राजदीप सरदेसाई एक लेख किसानों को हो रहे नुक़सान पर भी लिख दें!

रणघोष खास. श्रवण गर्ग, वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई की गिनती देश के बड़े पत्रकारों में होती…