दक्षिण हरियाणा से जुड़ी बड़ी खबर:

कांग्रेसी विधायक चिंरजीव राव के विज्ञापन में प्रदेश पार्टी मुखिया उदयभान समेत चारों कार्यकारी अध्यक्ष गायब…

राजस्थान में कांग्रेस की अपनों से ही जंग

राज्यसभा चुनाव: राजस्थान कांग्रेस के 6 विधायक नहीं पहुंचे रिजॉर्ट  रणघोष खास. जयपुर से  राज्यसभा के…

हरियाणा में इधर उधर होती राजनीति

राज्यसभा: हरियाणा के ‘गैर हाजिर’ विधायकों को लेकर कांग्रेस परेशान –चार विधायक जिनमें किरण चौधरी, चिरंजीव…

रणघोष की बात.. प्रत्येक अभिभावक व शिक्षकों को यह लेख जरूर पढ़ना चाहिए

अब टयूशन पर बच्चे अपने दोस्तों को लाए कमीशन पाए का खेल शुरू -हे बाजारू गुरुजनों…

चुनाव में मीडिया- नेताओं पर भरोसा बंद कर दें लोकतंत्र बचा रहेगा

– भाजपा- जेजेपी गठबंधन के नाम पर कब तक नाटक करती रहेगी – राज्यसभा चुनाव में…

श्रीलंकाः पुराने हाथों में कमान पर भरोसा..

“राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने पांच बार प्रधानमंत्री रहे विक्रमसिंघे को फिर सौंपी जिम्मेदारी, पर सवाल यह…

रणघोष खास: कांग्रेस: तुगलकी फैसलों का खामियाजा

 रणघोष खास. हरीश मानव  “वरिष्ठ अनुभवी नेताओं को तरजीह देकर कांग्रेस में नई जान डालने की…

15 अगस्त 1947: क्या अचानक तय हुई थी भारत की आज़ादी की तारीख़?

 रणघोष  खास. अंजूम शर्मा  किसी को नहीं पता था कि 3 जून, 1947 का दिन भारत…

मुझे पहली बार लगा, हम अपने पैरों पर नहीं चलते हैं, हम अपने आत्मबल पर चलते हैं

होई जबै द्वै तनहुँ इक  नाउ इज़ द टाइम टू नो ( अध्याय 30) रणघोष खास.…

पर आज तुम मानते हो, भगवान के होने या नहीं होने से ज़्यादा महत्वपूर्ण है यह समझना कि विगत को कभी नहीं बदला जा सकता है

होई जबै द्वै तनहुँ इक यद् पिंडे तद् ब्रह्माण्डे (अध्याय 29) रणघोष खास. बाबू गौतम  गाँव…

उसके शब्द मेरे भीतर जाकर ऐसे गूँज रहे थे, जैसे मैं एक खाली गुम्बद हूँ

होई जबै द्वै तनहुँ इक कहानी कृत्य है, और कर्ता भी (अध्याय 28) रणघोष खास.  बाबू…

एक एकड़ खेत में उगाए 8 लाख रु. के टमाटर

रणघोष खास. मध्यप्रदेश से  लगन और मेहनत से क्‍या नहीं मुमकिन है. इंसान चाह ले तो…

नजरिया: स्त्री के लिए हक की बात दूर की कौड़ी, कैसे मिलेगा सहज अधिकार

—“भारत में फेमिनिज्म स्त्री अधिकार के लिए नहीं बल्कि अपना नाम चमकाने का जरिया है”  रणघोष…

ईंट और सीमेंट से नहीं; शब्द शब्द, और पल पल से बना हुआ पुल…कालसेतु

होई जबै द्वै तनहुँ इक कालसेतु ( अध्याय 27) रणघोष खास. बाबू गौतम “खाट री ओट…

नजरिया: स्त्री के कंधों पर ही नैतिकता की जिम्मेदारी क्यों

“जो समाज स्त्री को अपनी देह पर अधिकार नहीं देता, वह कैसे स्वीकार करेगा कि संबंध…

रणघोष की सीधी सपाट बात

भाजपा मंडल अध्यक्ष, पदाधिकारी गरीब है तो वे राजनीति क्यों कर रहे हैं, ऐसी गरीबी से…

खुलासा: भाजपा सरकार में यह क्या हो रहा है..

कोसली में जरूरतमंदों को मिलने वाली मदद भाजपाई पदाधिकारियों- कार्यकर्ता ने आपस में बांट ली रणघोष…

राजा कै बोया जौ चना, माली कै बोई दूब। राजा का जौ चना बढ़ता गया, माली की दूब घटती गई….

होई जबै द्वै तनहुँ इक जीवन और मृत्यु से परे ( अध्याय 26) रणघोष खास. बाबू…

रणघोष की सीधी सपाट बात: न हर पुरुष दुष्ट, न हर महिला भोली

रणघोष खास. डॉ ऋतु सारस्वत, समाजशास्त्री  संबंध में जबरदस्ती कहीं नहीं होना चाहिए। न लिव इन…